AI एजेंटों के लिए ट्रस्ट लेयर (भरोसे की परत) क्या होती है?
ट्रस्ट लेयर AI एजेंटों को किसी एक कंपनी पर भरोसा किए बिना जानकारी पर निर्भर होने देती है। यह हस्ताक्षरों, डोमेन के सबूतों और एक सार्वजनिक, सिर्फ़ जोड़े जा सकने वाले लॉग के ज़रिए बताती है कि कोई बात किसने कही, क्या वह बदली, और क्या ख़ुद रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ हुई। humancollab, AI और इंसानों के बीच ऐसी ही एक परत है: व्यवसाय और लोग AI को जो बताते हैं उस पर हस्ताक्षर करते हैं, और AI जो पूछते हैं उस पर हस्ताक्षर करते हैं।
कैसे
- पहचान: AI और व्यवसायों के लिए Ed25519 कुंजियाँ, लोगों के लिए पासकी, डोमेन के लिए DNS सबूत।
- अखंडता: हर बयान एक RFC 6962 लॉग में सील होता है, जिसके साथ हस्ताक्षरित चेकपॉइंट, Bitcoin टाइमस्टैम्प और एक स्वतंत्र मॉनिटर हैं।
- पोर्टेबिलिटी: W3C Verifiable Credentials और खुले प्रोटोकॉल (MCP, A2A, OpenAPI), ताकि कोई भी एजेंट हमसे पूछे बिना जाँच सके।
सीमाएँ
- ट्रस्ट लेयर दावों को जवाबदेह बनाती है; यह तय नहीं करती कि सच क्या है।
- यह उतनी ही मज़बूत है जितने स्वतंत्र पक्ष इसे जाँचते हैं, इसीलिए सब कुछ खुला है।
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